नमस्ते दोस्तों इंसान शुरुआत से ही सीखने के नए-नए रास्ते बनाता आ रहा है. पत्तों से लेकर पत्थर तक और ब्लैक-बोर्ड से लेकर कम्प्यूटर स्क्रीन तक. हमारी ज्ञान पिपासा को पूरी करने के माध्यम बने है।
भगवान बुद्ध के अनुसार यह संसार अनित्य है.
मतलब कुछ भी रहने वाला नहीं है. सबकुछ बदल रहा है, मिट रहा है.
इसी नियम का पालन करते हुए. एजुकेशन इंडस्ट्री (एजुकेशन सेक्टर) भी बदल रही है और अपने आप को डिजिटल बना रही है.
इस काम में 21वीं सदी में सबसे ज्यादा तेजी आई है. और अब एजुकेशन डिजिटल रास्ते पर बढ़ चली है. यानि एजुकेशन अब डिजिटल एजुकेशन हो रही है.
अब आप पूछ सकते है कि असल में यह डिजिटल एजुकेशन होती क्या है? क्या ऑनलाइन स्टडी इसी का रूप है? ऑनलाइन स्टडी हमारे सीखने का तरीका को कैसे प्रभावित करेगी?
इस तरह के ना जाने कितने सवाल मन में आ रहे होंगे?
इसलिए, मैं इस ऑनलाइन स्टडी गाइड में डिजिटल एजुकेशन के बारे में विस्तार से जानकारी दें रहा हूँ. ताकि आपको ऑनलाइन स्टडी के बारे में जानकारी हो सके.
आपकी सुविधा के लिए इस गाइड को निम्न भागों में बांट दिया गया है.
ऑनलाइन स्टडी क्या है – What is Online Study in Hindi?
इंटरनेट साधनों के द्वारा पढ़ाई करना ऑनलाइन स्टडी कहलाता है. यह डिस्टेंस एजुकेशन (डिस्टेंस लर्निंग) का एक प्रकार है. स्टुडेंट्स तथा टीचर्स एक-दूसरे से बातचीत करने तथा शैक्षिक सामग्री वितरण के लिए इंटरनेट पर निर्भर रहते है. पढ़ाई करने का यह डिजिटल तरीका बहुत लोकप्रिय है.
ऑनलाइन स्टडी की परिभाषा को पढ़ने के बाद आप समझ गए होंगे कि ऑनलाइन स्टडी किसे कहते है?
अगर, सरल शब्दों में कहें तो इंटरनेट के जरिए सीखना या पढ़ना ही ऑनलाइन लर्निंग (ऑनलाइन स्टडी का दूसरा नाम) कहलाता है.
ऑनलाइन स्टडी को ऑनलाइन लर्निंग, ई-लर्निंग, कम्प्यूटर-आधारित लर्निंग (Computer-Based Learning), वेब-आधारित लर्निंग (Web-Based Learning), इंटरनेट आधारित लर्निंग (Internet-Based Learning), मोबाइल लर्निंग (M-Learning), वर्चुएल लर्निंग आदि अनेक नामों से जाना जाता है.
इस शिक्षा पद्दति के तहत स्टुडेंट्स तथा टीचर्स/ट्रैनर्स का आमना-सामना नहीं होता है. बल्कि, वे अपने-अपने निवास स्थान पर ही रहते है. और वहीं से एक-दूसरे से बातचीत करते है.
शिक्षक, नोटस, लेक्चर आदि को घर बैठे-बैठे ही इंटरनेट साधनों के जरिए स्टुडेंट्स को डिलिवर करते है. स्टुडेंट्स किसी इंटरनेट युक्त डिवाइस के माध्यम से इस स्टडी मैटेरियल्स को एक्सेस करते है.
शंका समाधान के लिए लाइव चैट, ग्रुप डिस्कशन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी तकनिकों का सहारा लिया जाता है. यानि, क्लासरुप जैसा माहौल तैयार रहता है. ये बात अलग है कि वे केवल वर्चुएली ही इंटरेक्शन करते है.
इस डिजिटल एजुकेशन तकनीक से स्टुडेंट्स तथा टीचर्स [इन्हे मैं Digicher (Digital + Teacher = Digicher) कहता हूँ] दोनों का ही फायदा होता है. दोनों का कीमती समय बचता है. जिसे वे स्टडी करने में इस्तेमाल कर पातें है.
वैसे ऑनलाइन स्टडी के फायदों का जिक्र मैंने नीचे किया है.
ऑनलाइन स्टडी कैसे की जाती है – How to Study Online in Hindi?
अब सवाल आता है कि ऑनलाइन लर्निंग कैसे की जाती है? ऑनलाइन लर्निंग के लिए किन-किन टूल्स की आवश्यकता पड़ती है?
इन दोनों सवालों का जवाब निर्भर करता है. पढ़ाई का स्तर और एजुकेशन संस्थान.
पढ़ाई का स्तर – इस बात से मेरा मतलब है आप किस स्तर की पढ़ाई करना चाहते है. क्योंकि, हमारी शिक्षा कई स्तरों में विभाजित होती है. जैसे; स्कूल (प्राइमरी, मिडिल, सैकण्डरी), कॉलेज, यूनिवर्सिटी, प्रोफेशनल आदि.
एजुकेशन संस्थान – दूसरा आप जिस संस्थान में ऑनलाइन पढ़ाई शुरु करना चाहते है. उसके द्वारा निर्मित कोर्सेस की आवश्यता क्या है? यदि कोर्सेस पारंपरिक एजुकेशन के हैं तो आपको कई प्रकार के टूल्स की जरूरत पड़ सकती है. कौशल सुधारने के लिए विकसित कोर्सेस केवल इंटरनेट युक्त डिवाइस के माध्यम से पूरे किए जा सकते है.
ऑनलाइन स्टडी घर बैठे-बैठे ही होती है. इसके लिए ऑनलाइन क्लासेस अटैंड करनी पड़ती है. जिन्हे एजुकेशन संस्थानों द्वारा होस्ट किया जाता है. स्टुडेंट्स को क्लास के दौरान ही कुछ एक्टिविटिज तथा क्विज्स के माध्यम से परखा जाता है.
यानि, स्टुडेंट्स और अध्यापक अपनी-अपनी जगह से ही इंटरनेट के जरिए एक दूसरे से जुड़े रहते है.
अब सवाल आता है कि ऑनलाइन स्टडी करने के लिए किन-किन टूल्स की जरूरत पड़ती है?
चुंकि, यह गाइड मैं स्टुडेंट्स के लिए लिख रहा हूँ. इसलिए, यहाँ केवल ऑनलाइन एडमिशन से लेकर सर्टिफिकेट लेने तक के लिए आवश्यक टूल्स की जानकारी हैं. कोर्सेस तैयार करने के लिए जरूरी टूल्स को यहां शामिल नहीं किया गया है.
ऑनलाइन क्लास अटैंड करने के लिए आवश्यक टूल्स – Basic Tools to Take Online Classes at Home in Hindi
Computer or Laptop
Smartphone or Tablet
Internet Connection
Video Calling & Conferencing Tools
Note Taking Apps
Digital Literacy Skills
Computer or Laptops
ऑनलाइन क्लास अटैंड करने के लिए यह बेसिक उपकरण है. इसी के जरिए एक स्टुडेंट अपना स्डटी मैटेरियल तथा टीचर से जुड़ पाता है.
इसलिए, एक सस्ता मगर कामचलाउ कम्प्यूटर तो जरूर होना चाहिए. यदि आप ऑनलाइन पढ़ाई करना चाहते है.
इस काम में आपकी मदद करने के लिए इस साइट पर पहले से एक गाइड मौजूद है जो आपको बताती है. नया कम्प्यूटर कैसे खरिदना चाहिए?
पढ़े – नया कम्प्यूटर कैसे खरिदते है?
Smartphone or Tablets
आजकल टेक्नोलॉजी इतनी तेज और उन्नत हो गई है कि जो काम पहले कम्प्यूटर पर होता था. वही काम आज स्मार्टफोन के जरिए किया जा सकता है.
लगभग, सभी ऑनलाइन स्टडी पोर्टल्स का मोबाइल वर्जन या फिर मोबाइल एप मौजूद है. इसलिए, आप स्मार्टफोन या फिर टैबलेट के जरिए भी ऑनलाइन क्लास अटैंड कर सकते है.
आप अपनी पसंद का कोई भी स्मार्टफोन खरिदकर क्लासेस एक्सेस कर सकते है. और गार्डन में जाकर भी पढ़ाई करने का आनंद ले सकते हैं.
मोबाइल फोन की स्क्रीन छोटी होती है. कुछ स्टुडेंट्स के लिए यह दिक्कत दें सकती है. इसलिए, ऐसे स्टुडेंट्स मोबाइल के बजाए कम्प्यूटर अथवा लैपटॉप के जैरिए पढ़ाई करें तो बेहतर होता.
मैं भी सभी स्टुडेंट्स को ऑनलाइन क्लास अटैंड करने के लिए कम्प्यूटर या लैपटॉप की सलाह ही दुंगा. इसका कारण केवल बड़ी स्क्रीन नहीं है. बल्कि, कई और सहुलियते है जो मोबाइल डिवाइस पर पूरी नहीं हो पाती है.
हांलाकि मोबाइल एप्स में हाइलाइट, नोट्स मेकर, बुकमार्क्स, ट्रांसलेट जैसी सुविधाएं दी जाती है. फिर भी, एक कम्प्यूटर में जो खुलापन और सुविधा मिलती है. उसकी बराबरी मोबाइल नहीं कर पाता है.
Internet Connection
Need an Internet Connection to Study Online
आपके पास कम्प्यूटर भी है और स्मार्टफोन भी है. लेकिन, बिना इंटरनेट आप कुछ नहीं कर सकते है.
इसलिए, आपके पास एक एक्टिव इंटरनेट कनेक्शन होना बहुत जरूरी है. अन्यथा आप क्लासेस अटैंड करने से वंचित रह जाएंगे.
मोबाइल में मौजूद इंटरनेट डेटा पैक से भी आपका काम चल जाएगा. जिससे आप कम्प्यूटर में भी नेट एक्सेस कर पाएंगे.
एक बात ध्यान रखें इसका खर्चा आपको ही देना है. टीचर या स्कुल/कॉलेज के भरोसे ना रहें. इसलिए, किफायती तरीके से ही इंटरनेट इस्तेमाल करें. केवल जरुरी वीडियो, ग्राफिक्स ही डाउनलोड करें. फालतू में इंटरनेट और समय खर्च ना करें.
Video Calling & Video Conferencing Tools
ये एप आपको टीचर/ट्रैनर से फेस-टू-फेस बात करने के लिए सुविधा देते हैं. वैसे इनकी ज्यादा जरूरत नहीं पड़ती है. लेकिन, लाइव क्लासेस अटैंड करने के लिए वीडियो कॉलिंग एप्स प्राथमिक टूल बन जाते हैं.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एप्स के जैरिए लाइव क्लासेस एक्सेस की जाती है. इसलिए, कुछ जरुरी एप्स के नाम नीचे दें रहा हूँ. जिन्हे आप अपने मोबाइल फोन एवं कम्प्यूटर में इंस्टॉल करके रख सकते है. कुछ को वेब ब्राउजर के जरिए भी एक्सेस कर सकते हैं.
Zoom
Skype
Google Hangouts
Facebook Live
YouTube Live
Note Taking Apps
आप ऑनलाइन क्लास लें रहे है तो आपको नोट्स भी ऑनलाइन ही बनाने पड़ेंगे. इस काम के लिए भी आपको टूल्स की जरूरत पड़ेगी. कुछ स्टुडेंट्स तो पुराने तरीका यानि क्लासरूप स्टडी की भांति ही नोटबुक में नोट्स बनाना पसंद करते हैं.
अगर, आप भी इन्ही में से एक है तो आपको नोट्स मेकर टूल्स की कोई जरूरत नहीं है.
यह टूल्स उन सभी स्टुडेंट्स के लिए है जो ऑनलाइन ही नोट्स बनाना पसंद करेंगे. मैं केवल कुछ ही नाम दें रहा हूँ. आप इंटरनेट पर मौजूद सैंकड़ों एप्स से अपना मनपसंद नोट मेकर टूल ढूंढ़कर इंस्टॉल कर सकते है.
Evernote
Microsoft OneNote
Google Keeps
Simplenote
कुछ स्मार्टफोन्स में बिल्ट-इन नोट मेकर एप्स आते हैं. आप इसका भी इस्तेमाल नोट बनाने के लिए कर सकते है.
Digital Literacy Skills
आपने सभी टूल्स तो जुटा लिए है. अगर, इनका इस्तेमाल करना ही नहीं आएगा तो ऑनलाइन क्लास अडैंट कैसे करेंगे?
कम्प्यूटर, स्मार्टफोन, सॉफ्टवेयर एवं मोबाइल एप्स का सामान्य उपयोग आना चाहिए. इसी स्किल्स को डिजिटल साक्षरता कहते है. इसलिए, आपको निम्नलिखित काम करने आने चाहिए.
कम्प्यूटर स्टार्ट करना, बंद करना
फाइल/फोल्डर बनाना, सेव करना
सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करना
इंटरनेट से फाइल डाउनलोड करना/अपलोड करना
ईमेल भेजना, जवाब देना
प्रिंटर जोड़ना तथा प्रिंट लेना
सॉफ्टवेयर्स पर बेसिक काम करना आदि
मेरे हिसाब से यह बेसिक ई-लर्निंग टूल्स से आप बेहतर तरिके से किसी भी ऑनलाइन क्लास को अटैंंड करने के तैयार हो जाते हैं. फिर भी जिस कोर्स को आप कर रहे है. तो उस कोर्सपेज पर मौजूद “आवश्यकता” संबंधी जानकारी पढ़ना ना भूलें.
डिजिटल साक्षरता से संबंधित कुछ ज्ञान आप इन ट्युटोरियल्स से भी लें सकते हैं.
भगवान बुद्ध के अनुसार यह संसार अनित्य है.
मतलब कुछ भी रहने वाला नहीं है. सबकुछ बदल रहा है, मिट रहा है.
इसी नियम का पालन करते हुए. एजुकेशन इंडस्ट्री (एजुकेशन सेक्टर) भी बदल रही है और अपने आप को डिजिटल बना रही है.
इस काम में 21वीं सदी में सबसे ज्यादा तेजी आई है. और अब एजुकेशन डिजिटल रास्ते पर बढ़ चली है. यानि एजुकेशन अब डिजिटल एजुकेशन हो रही है.
अब आप पूछ सकते है कि असल में यह डिजिटल एजुकेशन होती क्या है? क्या ऑनलाइन स्टडी इसी का रूप है? ऑनलाइन स्टडी हमारे सीखने का तरीका को कैसे प्रभावित करेगी?
इस तरह के ना जाने कितने सवाल मन में आ रहे होंगे?
इसलिए, मैं इस ऑनलाइन स्टडी गाइड में डिजिटल एजुकेशन के बारे में विस्तार से जानकारी दें रहा हूँ. ताकि आपको ऑनलाइन स्टडी के बारे में जानकारी हो सके.
आपकी सुविधा के लिए इस गाइड को निम्न भागों में बांट दिया गया है.
ऑनलाइन स्टडी क्या है – What is Online Study in Hindi?
इंटरनेट साधनों के द्वारा पढ़ाई करना ऑनलाइन स्टडी कहलाता है. यह डिस्टेंस एजुकेशन (डिस्टेंस लर्निंग) का एक प्रकार है. स्टुडेंट्स तथा टीचर्स एक-दूसरे से बातचीत करने तथा शैक्षिक सामग्री वितरण के लिए इंटरनेट पर निर्भर रहते है. पढ़ाई करने का यह डिजिटल तरीका बहुत लोकप्रिय है.
ऑनलाइन स्टडी की परिभाषा को पढ़ने के बाद आप समझ गए होंगे कि ऑनलाइन स्टडी किसे कहते है?
अगर, सरल शब्दों में कहें तो इंटरनेट के जरिए सीखना या पढ़ना ही ऑनलाइन लर्निंग (ऑनलाइन स्टडी का दूसरा नाम) कहलाता है.
ऑनलाइन स्टडी को ऑनलाइन लर्निंग, ई-लर्निंग, कम्प्यूटर-आधारित लर्निंग (Computer-Based Learning), वेब-आधारित लर्निंग (Web-Based Learning), इंटरनेट आधारित लर्निंग (Internet-Based Learning), मोबाइल लर्निंग (M-Learning), वर्चुएल लर्निंग आदि अनेक नामों से जाना जाता है.
इस शिक्षा पद्दति के तहत स्टुडेंट्स तथा टीचर्स/ट्रैनर्स का आमना-सामना नहीं होता है. बल्कि, वे अपने-अपने निवास स्थान पर ही रहते है. और वहीं से एक-दूसरे से बातचीत करते है.
शिक्षक, नोटस, लेक्चर आदि को घर बैठे-बैठे ही इंटरनेट साधनों के जरिए स्टुडेंट्स को डिलिवर करते है. स्टुडेंट्स किसी इंटरनेट युक्त डिवाइस के माध्यम से इस स्टडी मैटेरियल्स को एक्सेस करते है.
शंका समाधान के लिए लाइव चैट, ग्रुप डिस्कशन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी तकनिकों का सहारा लिया जाता है. यानि, क्लासरुप जैसा माहौल तैयार रहता है. ये बात अलग है कि वे केवल वर्चुएली ही इंटरेक्शन करते है.
इस डिजिटल एजुकेशन तकनीक से स्टुडेंट्स तथा टीचर्स [इन्हे मैं Digicher (Digital + Teacher = Digicher) कहता हूँ] दोनों का ही फायदा होता है. दोनों का कीमती समय बचता है. जिसे वे स्टडी करने में इस्तेमाल कर पातें है.
वैसे ऑनलाइन स्टडी के फायदों का जिक्र मैंने नीचे किया है.
ऑनलाइन स्टडी कैसे की जाती है – How to Study Online in Hindi?
अब सवाल आता है कि ऑनलाइन लर्निंग कैसे की जाती है? ऑनलाइन लर्निंग के लिए किन-किन टूल्स की आवश्यकता पड़ती है?
इन दोनों सवालों का जवाब निर्भर करता है. पढ़ाई का स्तर और एजुकेशन संस्थान.
पढ़ाई का स्तर – इस बात से मेरा मतलब है आप किस स्तर की पढ़ाई करना चाहते है. क्योंकि, हमारी शिक्षा कई स्तरों में विभाजित होती है. जैसे; स्कूल (प्राइमरी, मिडिल, सैकण्डरी), कॉलेज, यूनिवर्सिटी, प्रोफेशनल आदि.
एजुकेशन संस्थान – दूसरा आप जिस संस्थान में ऑनलाइन पढ़ाई शुरु करना चाहते है. उसके द्वारा निर्मित कोर्सेस की आवश्यता क्या है? यदि कोर्सेस पारंपरिक एजुकेशन के हैं तो आपको कई प्रकार के टूल्स की जरूरत पड़ सकती है. कौशल सुधारने के लिए विकसित कोर्सेस केवल इंटरनेट युक्त डिवाइस के माध्यम से पूरे किए जा सकते है.
ऑनलाइन स्टडी घर बैठे-बैठे ही होती है. इसके लिए ऑनलाइन क्लासेस अटैंड करनी पड़ती है. जिन्हे एजुकेशन संस्थानों द्वारा होस्ट किया जाता है. स्टुडेंट्स को क्लास के दौरान ही कुछ एक्टिविटिज तथा क्विज्स के माध्यम से परखा जाता है.
यानि, स्टुडेंट्स और अध्यापक अपनी-अपनी जगह से ही इंटरनेट के जरिए एक दूसरे से जुड़े रहते है.
अब सवाल आता है कि ऑनलाइन स्टडी करने के लिए किन-किन टूल्स की जरूरत पड़ती है?
चुंकि, यह गाइड मैं स्टुडेंट्स के लिए लिख रहा हूँ. इसलिए, यहाँ केवल ऑनलाइन एडमिशन से लेकर सर्टिफिकेट लेने तक के लिए आवश्यक टूल्स की जानकारी हैं. कोर्सेस तैयार करने के लिए जरूरी टूल्स को यहां शामिल नहीं किया गया है.
ऑनलाइन क्लास अटैंड करने के लिए आवश्यक टूल्स – Basic Tools to Take Online Classes at Home in Hindi
Computer or Laptop
Smartphone or Tablet
Internet Connection
Video Calling & Conferencing Tools
Note Taking Apps
Digital Literacy Skills
Computer or Laptops
ऑनलाइन क्लास अटैंड करने के लिए यह बेसिक उपकरण है. इसी के जरिए एक स्टुडेंट अपना स्डटी मैटेरियल तथा टीचर से जुड़ पाता है.
इसलिए, एक सस्ता मगर कामचलाउ कम्प्यूटर तो जरूर होना चाहिए. यदि आप ऑनलाइन पढ़ाई करना चाहते है.
इस काम में आपकी मदद करने के लिए इस साइट पर पहले से एक गाइड मौजूद है जो आपको बताती है. नया कम्प्यूटर कैसे खरिदना चाहिए?
पढ़े – नया कम्प्यूटर कैसे खरिदते है?
Smartphone or Tablets
आजकल टेक्नोलॉजी इतनी तेज और उन्नत हो गई है कि जो काम पहले कम्प्यूटर पर होता था. वही काम आज स्मार्टफोन के जरिए किया जा सकता है.
लगभग, सभी ऑनलाइन स्टडी पोर्टल्स का मोबाइल वर्जन या फिर मोबाइल एप मौजूद है. इसलिए, आप स्मार्टफोन या फिर टैबलेट के जरिए भी ऑनलाइन क्लास अटैंड कर सकते है.
आप अपनी पसंद का कोई भी स्मार्टफोन खरिदकर क्लासेस एक्सेस कर सकते है. और गार्डन में जाकर भी पढ़ाई करने का आनंद ले सकते हैं.
मोबाइल फोन की स्क्रीन छोटी होती है. कुछ स्टुडेंट्स के लिए यह दिक्कत दें सकती है. इसलिए, ऐसे स्टुडेंट्स मोबाइल के बजाए कम्प्यूटर अथवा लैपटॉप के जैरिए पढ़ाई करें तो बेहतर होता.
मैं भी सभी स्टुडेंट्स को ऑनलाइन क्लास अटैंड करने के लिए कम्प्यूटर या लैपटॉप की सलाह ही दुंगा. इसका कारण केवल बड़ी स्क्रीन नहीं है. बल्कि, कई और सहुलियते है जो मोबाइल डिवाइस पर पूरी नहीं हो पाती है.
हांलाकि मोबाइल एप्स में हाइलाइट, नोट्स मेकर, बुकमार्क्स, ट्रांसलेट जैसी सुविधाएं दी जाती है. फिर भी, एक कम्प्यूटर में जो खुलापन और सुविधा मिलती है. उसकी बराबरी मोबाइल नहीं कर पाता है.
Internet Connection
Need an Internet Connection to Study Online
आपके पास कम्प्यूटर भी है और स्मार्टफोन भी है. लेकिन, बिना इंटरनेट आप कुछ नहीं कर सकते है.
इसलिए, आपके पास एक एक्टिव इंटरनेट कनेक्शन होना बहुत जरूरी है. अन्यथा आप क्लासेस अटैंड करने से वंचित रह जाएंगे.
मोबाइल में मौजूद इंटरनेट डेटा पैक से भी आपका काम चल जाएगा. जिससे आप कम्प्यूटर में भी नेट एक्सेस कर पाएंगे.
एक बात ध्यान रखें इसका खर्चा आपको ही देना है. टीचर या स्कुल/कॉलेज के भरोसे ना रहें. इसलिए, किफायती तरीके से ही इंटरनेट इस्तेमाल करें. केवल जरुरी वीडियो, ग्राफिक्स ही डाउनलोड करें. फालतू में इंटरनेट और समय खर्च ना करें.
Video Calling & Video Conferencing Tools
ये एप आपको टीचर/ट्रैनर से फेस-टू-फेस बात करने के लिए सुविधा देते हैं. वैसे इनकी ज्यादा जरूरत नहीं पड़ती है. लेकिन, लाइव क्लासेस अटैंड करने के लिए वीडियो कॉलिंग एप्स प्राथमिक टूल बन जाते हैं.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एप्स के जैरिए लाइव क्लासेस एक्सेस की जाती है. इसलिए, कुछ जरुरी एप्स के नाम नीचे दें रहा हूँ. जिन्हे आप अपने मोबाइल फोन एवं कम्प्यूटर में इंस्टॉल करके रख सकते है. कुछ को वेब ब्राउजर के जरिए भी एक्सेस कर सकते हैं.
Zoom
Skype
Google Hangouts
Facebook Live
YouTube Live
Note Taking Apps
आप ऑनलाइन क्लास लें रहे है तो आपको नोट्स भी ऑनलाइन ही बनाने पड़ेंगे. इस काम के लिए भी आपको टूल्स की जरूरत पड़ेगी. कुछ स्टुडेंट्स तो पुराने तरीका यानि क्लासरूप स्टडी की भांति ही नोटबुक में नोट्स बनाना पसंद करते हैं.
अगर, आप भी इन्ही में से एक है तो आपको नोट्स मेकर टूल्स की कोई जरूरत नहीं है.
यह टूल्स उन सभी स्टुडेंट्स के लिए है जो ऑनलाइन ही नोट्स बनाना पसंद करेंगे. मैं केवल कुछ ही नाम दें रहा हूँ. आप इंटरनेट पर मौजूद सैंकड़ों एप्स से अपना मनपसंद नोट मेकर टूल ढूंढ़कर इंस्टॉल कर सकते है.
Evernote
Microsoft OneNote
Google Keeps
Simplenote
कुछ स्मार्टफोन्स में बिल्ट-इन नोट मेकर एप्स आते हैं. आप इसका भी इस्तेमाल नोट बनाने के लिए कर सकते है.
Digital Literacy Skills
आपने सभी टूल्स तो जुटा लिए है. अगर, इनका इस्तेमाल करना ही नहीं आएगा तो ऑनलाइन क्लास अडैंट कैसे करेंगे?
कम्प्यूटर, स्मार्टफोन, सॉफ्टवेयर एवं मोबाइल एप्स का सामान्य उपयोग आना चाहिए. इसी स्किल्स को डिजिटल साक्षरता कहते है. इसलिए, आपको निम्नलिखित काम करने आने चाहिए.
कम्प्यूटर स्टार्ट करना, बंद करना
फाइल/फोल्डर बनाना, सेव करना
सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करना
इंटरनेट से फाइल डाउनलोड करना/अपलोड करना
ईमेल भेजना, जवाब देना
प्रिंटर जोड़ना तथा प्रिंट लेना
सॉफ्टवेयर्स पर बेसिक काम करना आदि
मेरे हिसाब से यह बेसिक ई-लर्निंग टूल्स से आप बेहतर तरिके से किसी भी ऑनलाइन क्लास को अटैंंड करने के तैयार हो जाते हैं. फिर भी जिस कोर्स को आप कर रहे है. तो उस कोर्सपेज पर मौजूद “आवश्यकता” संबंधी जानकारी पढ़ना ना भूलें.
डिजिटल साक्षरता से संबंधित कुछ ज्ञान आप इन ट्युटोरियल्स से भी लें सकते हैं.

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